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रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ कैसे रखें ?

रीढ़ की हड्डी हमारे पूरे शरीर का केंद्र बिंदु होती है क्योंकि वह हमारे पूरे शरीर का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है । समय के साथ हड्डियों में कमज़ोरी आना सामान्य बात है लेकिन अगर जीवनशैली अस्वस्थ है या आप को नशीली या बुरी आदतों के सेवन की लत है तो न सिर्फ रीढ़ की हड्डी बल्कि शरीर के हर भाग की हड्डी पर इसका प्रभाव पड़ता है । रचित अस्पताल गोरखपुर के खुलने का उद्देशय यही है कि न सिर्फ रीढ़ की हड्डी बल्कि शरीर के हर भाग की हड़्डी को नुकसान होने से बचाया जाए । यह सुविधा अब गोरखपुर उत्तर प्रदेश में अस्पताल द्वारा मौजूद है । हमारे शरीर में सिर्फ 25 साल की उम्र तक ही हड्डियाँ मजबूत होती हैं। 30 साल की उम्र के बाद हड्डियाँ कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है । रीढ़ की हड्डी कमज़ोर होने पर कईं तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन हड्डियों को मजबूत करने के घरेलू उपायों की मदद से आप हर उम्र में स्‍वस्‍थ रह सकती हैं ।

  • शराब या कार्बोनेटेड का सेवन न करें
  • कार्बोनेटेड पदार्थ जैसे कि सॉफ्ट ड्रिंक, शैंपेन आदि हड्डियों से कैल्शियम को खींच सकते हैं। एक शोध के मानें तो 16 से 20 साल की महिलाओं को सॉफ्ट ड्रिंक पीने से हड्डियों में नुकसान होने की बात सामने आई है । इन पदार्थों में फास्‍फेट ज्‍यादा होता है जो शरीर में कैल्शियम कम कर देता है ।

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  • अत्यधिक प्रोटिन का सेवन है खतरनाक
  • यबहुत ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लेने से शरीर में एसिडिटी हो सकती है जिसकी वजह से पेशाब के जरिए शरीर से कैल्शियम बाहर निकल सकता है । ज़्यादातर लोगों के शरीर को एक दिन के तीन बार के भोजन से 0.12 किलोग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है । इससे ज्‍यादा मात्रा में प्रोटीन लेना रीढ़ के साथ दूसरी हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है । गोरखपुर में सबसे अच्छा अस्पताल खुलने की वजह ही यह है कि लोगों को इस बारे में जागरुक किया जाए ।

  • एसिडिटी की दवाएँ
  • ऐसे बहुत से लोग हैं जो सीने में जलन और हर्निया के लिए दवाओं का सेवन करते हैं । कैल्शियम, मैग्‍नीशियम और जिंक जैसे खनिज पदार्थों से पेट में रहने वाला एसिड होना बहुत जरूरी होता है । अगर आप एसिड बनाने से रोकने वाली कोई दवा ले रहे हैं तो इससे ऑस्टियोपोरासिस का खतरा बढ़ जाता है और रीढ़ की हड्डी कमजोर पड़ जाती है । इन दवाओं को सिर्फ 6 से 8 हफ्तों तक ही लेना सुरक्षित रहता है।

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  • कॉफी और चाय से करें परहेज़
  • कॉफी या चाय के अत्यधिक सेवन से पेशाब के जरिए 150 मि.ग्रा कैल्शियम शरीर से बाहर निकल जाता है । कॉफी में और भी कईं दूसरे हानिकारक रसायन होते हैं जो कि शरीर से ज़हरीले पदार्थों को बाहर निकालने में रुकावट पैदा कर सकते हैं । अगर आपको कॉफी या चाय पीनी ही हैं तो हर कप के लिए 150 मि.ग्रा कैल्शियम लेने की मात्रा भी बढ़ा दें ।

  • विटामिन - डी का करें सेवन
  • विटामिन डी कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाने में मदद करता है । ये हमारे इम्‍यून सिस्‍टम के लिए भी बहुत जरूरी होता है । जब आप धूप लेते हैं तो स्किन के जरिए शरीर में विटामिन-डी बनता है । धूप नहीं ले सकते हैं तो इसकी जगह विटामिन-डी के सप्‍लीमेंट भी ले सकते हैं ।

  • हॉर्मोंस की करते रहें मॉनिटरिंग
  • चिकित्सा अस्पताल गोरखपुर में मौजूद डॉक्टर महिलाओं में रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचने के प्रमुख कारण क्या हैं, यह बताते हैं । जैसे सबसे आम कारण मीनोपॉज है, इसकी जानकारी देते हैं । । वहीं 50 की उम्र पार कर चुके पुरुषों में रीढ़ की हड्डियों को नुकसान होने का खतरा रहता है । रीढ़ की हड्डी को स्‍वस्‍थ रखने के लिए पर्याप्‍त मात्रा में एस्‍ट्रोजन, प्रोजेस्‍टेरोन और टेस्‍टेस्‍टेरोन जरूरी होता है । मीनोपॉज से इन हार्मोंस में असंतुलन आ जाता है जो हड्डियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है ।

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  • तनाव
  • एक मनोवैज्ञानिक बात यह है कि बहुत अधिक तनाव लेने से कोर्टिसोल हॉर्मोन का लेवल बढ़ता है । अगर लंबे समय तक इसका स्‍तर बढ़ा ही रहता है तो रीढ़ की हड्डियों को बहुत नुकसान पहुंच सकता है । इसकी वजह से मरीज़ का ब्‍लड शुगर लेवल भी बढ़ सकता है और पेशाब के जरिए शरीर से कैल्शियम बाहर निकल सकता है । तनाव को जितना हो सके दूर रखें और 8 से 9 घंटों की पूरी नींद लें ।

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