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बच्चों में वजन बढ़ाने के लिए खाद्य पदार्थ

यदि आप अपने नवजात शिशु के कम वजन से परेशान हैं, तो इसका एकमात्र विकल्प समाधान माँ का दूध ही है। विशेषज्ञों के मुताबिक माँ के दूध में वो सभी पोषक तत्व और खनिज पदार्थ मौजूद होते हैं, जो शिशु के बेहतर विकास के लिए जरूरी माने जाते हैं। ऐसे में बस आपको बच्चे के हाव-भाव और उसकी भूख को समझने की जरूरत हैं । इसके लिए आपको नवजात को लगभग हर दो-दो घंटे में दूध पिलाना होगा। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे का पेट पूरी तरह से भरा है या नहीं। इसके लिए आप हमेशा बच्चे को दोनों स्तनों से दूध पिलाने की कोशिश करें। बच्चों में वजन को बढ़ाने के लिए गोरखपुर में बेस्ट चाइल्ड डॉक्टर मौजूद हैं, जो समय-समय पर सही सुझाव देने का प्रयास कर रहे हैं ।ॉक्टर मौजूद हैं, जो समय-समय पर सही सुझाव देने का प्रयास कर रहे हैं ।

6 से 12 महिने के शिशुओं के लिए

जन्म के 6 महिने बाद बच्चों को कई जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जो सिर्फ दूध पर निर्भर रहने से नहीं मिल पाते। इसलिए, डॉक्टर छह महिने से बड़े बच्चों को दूध के अलावा अनाज, दाल, सब्जियां, फल और घर में बने सीरियल्स खिलाने की सलाह देते हैं। 6 से 8 महिने के बच्चों के आहार में आप स्मूदी को शामिल कर सकते हैं, जिससे शिशुओं की आंतों पर ज्यादा जोर न आए और वह इन भोजन को आसानी से हजम कर सके। ध्यान रखने वाली बात यह है कि 6 से 8 महिने के बच्चों के आहार में फल प्रतिदिन 30 ग्राम और सब्जियाँ प्रतिदिन 480 ग्राम से अधिक शामिल नहीं करनी चाहिए। वहीं, 8 महिने से बड़े बच्चों को आप मुलायम आहार सीधे खाने के लिए दे सकते हैं, ताकि वह खुद से खाना सीखें और भोजन के प्रति उनमें रुझान बढ़े । इस विषय पर आप गोरखपुर में बाल चिकित्सक से भी आप मदद ले सकते हैं ।

  • केला है मददगार
  • शिशुओं का वजन बढ़ाने के लिए केले को एक बेहतरीन विकल्प माना गया है। यह एनर्जी, कार्बोहाइड्रेट और फैट का अच्छा स्रोत होता है। इन तीनों तत्वों की मौजूदगी इसे वजन बढ़ाने का एक उत्तम आहार बनाती है। इसके अलावा, इसमें प्रोटीन और फाइबर मौजूद रहते हैं, जो बच्चे के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं ।

  • दही
  • दही में विटामिन-ए,बी और सी मौजूद होते हैं । इसी के साथ कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे कई अन्य पोषक तत्व भी दही में मौजूद रहते हैं। वहीं, कम फैट के साथ अच्छी मात्रा में ऊर्जा और प्रोटीन भी दही में पाया जाता है । इस कारण इसे बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए सहायक माना जा सकता है ।

  • ओट्स
  • ओट्स में मौजूद एनर्जी, फैट और कार्बोहाइड्रेट मिश्रित रूप से बच्चे का वजन बढ़ाने में सहायक होते हैं, वहीं इसमें विटामिन बी, फोलेट, राइबोफ्लेविन, थियामिन और नियासिन के साथ पोटैशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी को पूरा करते हैं ।

  • आलू है फैट गेनर
  • आलू बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें एनर्जी व कार्बोहाइड्रेट के साथ भरपूर मात्रा में फैट भी उपलब्ध होता है, जो वजन बढ़ाने में कारगर माना जाता है।

  • दालें
  • दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं। साथ ही इसमें आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और फोलेट जैसे मिनरल और कईं दूसरे जरूरी विटामिन पाए जाते हैं। प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है और मिनरल व विटामिन बच्चे के विकास में प्रभावी सहयोग प्रदान करते हैं।

  • पनीर
  • पनीर में फैट बढ़ाने की ज़बरदस्त एनर्जी होती है। इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम और सोडियम के साथ विटामिन उपलब्ध होते हैं। इस कारण यह बच्चे का वजन बढ़ाने में सहायक माना जा सकता है । पनीर के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर भी बच्चों को खाने के लिए दिए जा सकते हैं ।

    अगर आप भी अपने बच्चों के वजन को लेकर परेशान हैं तो तुरंत इन सबको आहार में शामिल करें, कुछ महिनों में आपको प्रभाव दिखाई देगा । बच्चों की पूर्ण देखभाल के लिए गोरखपुर में चाइल्ड हेल्थकेयर उपलब्ध कराया गया है ।

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