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नॉर्मल डिलीवरी की संभावना कैसे बढ़ाएं ?

दुनियाभर में हो रही रिसर्च की मानें तो करीब 85 प्रतिशत महिलाएँ गर्भावस्था के दौरान बिना किसी दवा के प्राकृतिक तरीके से यानी नॉर्मल डिलीवरी के जरिए बच्चे को जन्म दे सकती हैं और सिर्फ 15 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को ही सिज़ेरियन डिलीवरी की जरूरत पड़ती है । लेकिन हकीकत यह है कि हर 3 में से 1 प्रेग्नेंट महिला यानी करीब 30 प्रतिशत डिलिवरी सीज़ेरियन डिलीवरी होती है । इसके पीछे कईं बार ये वजह भी होती है कि बहुत सी महिलाएँ नॉर्मल डिलीवरी के दौरान होने वाले दर्द, तकलीफ और एंग्जाइटी से बचने के लिए खुद ही सर्जरी से डिलीवरी करवाती हैं ।

नॉर्मेल डिलीवरी होने का बढ़ेगा चांस

रचित अस्पताल, गोरखपुर आपकी डिलीवरी को नॉर्मल करने के लिए प्रयासरत है । यह कई कारकों पर निर्भर करता है । गोरखपुर उत्तर प्रदेश में यह अस्पताल महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी आधुनिक चिकित्सा तकनीक द्वारा करावा रहा है, जिसके कारण नॉर्मल डिलीवरी की संभावना अवश्य बढ़ गई है । रचित अस्पताल को फिलहाल गोरखपुर में सबसे अच्छा अस्पताल बताया जा रहा है जो नॉर्मल डिलीवरी के क्षेत्र में काम कर रहा है ।

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नॉर्मल डिलीवरी करवाने वाले कारक

नॉर्मल डिलीवरी होने के कुछ प्रमुख कारक होते हैं-

  • अगर आपकी पिछली डिलिवरी नॉर्मल हुई हो यानि वजाइनल डिलिवरी हुई हो ।
  • यदि आपको लंबे समय से या पहले से कोई बीमारी न हो, जैसे कि – अस्थमा, ब्लड प्रैशर और शुगर आदि ।
  • आपका वज़न सामान्य होना चाहिए । न तो बहुत अधिक और न ही बहुत कम क्योंकि अगर ऐसा होता है तो नॉर्मल डिलीवरी होने में समस्या होती है ।
  • ध्यान रखें कि गर्भावस्था में किसी तरह की कोई कॉम्पलिकेशन नहीं होनी चाहिए । अगर कॉम्पलीकेशन रहेगी तो नॉर्मल डिलीवरी मुश्किल है ।
  • यदि आप प्रेग्नेंसी के दौरान शारीरिक रुप से स्वस्थ और एक्टिव नहीं हैं तो कॉम्प्लीकेशन हो सकती हैं
  • यदि माँ बनने वाली महिला को ब्लड प्रैशर, शुगर या ह्यूमोग्लोबिन की समस्या है तो नॉर्मल डिलीवरी मुश्किल है ।
  • सामान्य डिलीवरी के टिप्स

  • स्ट्रेस से रहें दूर
  • नॉर्मल डिलीवरी चाहने वाली महिलाओं को गर्भवस्था के दौरान हर तरह के तनाव से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए । चिकित्सा अस्पताल गोरखपुर के डॉ्कटर इसके लिए आपको मेडिटेशन की सलाह देते हैं, संगीत सुन सकती हैं, किताबें पढ़ सकती हैं या फिर योग भी ट्राई कर सकती हैं । गर्भवती महिला को अपने आस-पास के लोगों से भावानात्मक सपोर्ट मिलता है इसलिए गर्भावस्था की घड़ी में अपनों के साथ रहें और किसी भी तरह का तनाव न लें ।

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  • मन और मस्तिष्क में नकारात्मक्ता न लाएँ
  • गोरखपुर के स्त्री रोग विशेषज्ञ गायनेकोलॉजिस्ट प्रशिक्षित और अनुभवी हैं जो आपको गर्भावस्था के लिए बेहतर सुझाव मुहैया कराते हैं । नकारात्मक विचारों को खुद से दूर रखें । डिलीवरी से जुड़ी नेगेटिव बातों और घटनाओं को खुद से दूर रखें और हमेशा सकारात्मक सोचें । ध्यान रखें कि हर महिला का अलग अनुभव होता है, इसलिए हर किसी के अनुभवों से अपने मन में संशय पैदा न करें ।

  • डॉक्टर सही चुनें
  • गोरखपुर के स्त्री रोग विशेषज्ञ गर्भवती महिला को डिलीवरी के समय सुरक्षा का ध्यान रखते हैं । यह गर्भवती महिला के शरीर की जाँच करते हैं और सही जानकारी मिलने के बाद ही इलाज शुरु करते हैं । इसके अलावा आपने भी इस बात पर ध्यान रखना है कि जिस डॉक्टर को आप चुन रहें हैं, देख लें कि उसने पहले किनती नॉर्मल डिलीवरी करवायी है ।

  • मसाज और एक्सरसाइज़ फायदेमंद
  • गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से मसाज या एक्सरसाइज़ करने से नॉर्मल डिलीवरी का चांस बढ़ जाता है । इसलिए, डॉक्टरी सलाह लेकर नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, चलते-फिरते रहें । इसके अलावा गर्भावस्था के सात महीने बाद, गर्भवती महिलाओं को अपने शरीर के निचले हिस्से की मालिश अवश्य करनी चाहिए लेकिन यह किसी डॉक्टर के सुझाव और उसके संज्ञान में होना चाहिए ।

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